एक पयारा सा एहसास एक खूसनूमा पल जब हमारे दिल से निकल कर एक या चंद लाइनों मे हमारे जेहन मे आ जाती है वही तो शायरी है एक मीठा एहसास थोड़ा सा पयार थोड़ा टकरार सब शायरी मे समा जाती है और जब यही बातें शब्दों का रूप लेकर बड़ी हो जाती है तो वही कहानियां बन जाती है।
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नपुंसक रोली ने आज फिर अपने ही कमाये पैसे पति से मागें तो उसपर बहुत चिल्लाने लगा और हाँथ भी उठाया।रोली आज कुछ विचलीत थी उसे फैसला लेना ही ...
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नपुंसक रोली ने आज फिर अपने ही कमाये पैसे पति से मागें तो उसपर बहुत चिल्लाने लगा और हाँथ भी उठाया।रोली आज कुछ विचलीत थी उसे फैसला लेना ही ...
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जिंदगी तु बता इतना विरान सा कयों है इस भरी महफील मे तु ईतना अकेला सा कयों है हर शकस अपनो में खोया है हर शकस इतना बेगाना सा कयों है ...
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जी चाहता है आज फीर तुमसे मौहब्बत कर लूँ थोड़ी सी आज फिर शरारत कर लूँ तुम ही हो जीसने मुझे जीना सीखाया तुम ही हो जीसने कुछ करना सीखाया...

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